मौसम का यू-टर्न: कल बारिश और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट, तेज हवाएं बढ़ाएंगी ठंडक
अक्टूबर का महीना आधा गुजर चुका है और उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की लेटेस्ट चेतावनी के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने का असर अब तराई के इस इलाके पर साफ दिखाई देगा। विभाग ने शुक्रवार के लिए जिले में येलो अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।
क्यों बदल रहा है मौसम का मिजाज?
शरद ऋतु की शुरुआत के साथ ही अक्टूबर के दिनों में तापमान और हवाओं के रुख में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कभी खिली हुई धूप लोगों को गर्मी का अहसास कराती है, तो कभी बादलों की आवाजाही मौसम को सुहाना बना देती है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर भारत में सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण वायुमंडल में नमी बढ़ी है। इसी के प्रभाव से बादलों का डेरा और तेज हवाएं चलने के आसार हैं।
हवा की रफ्तार बढ़ाएगी मुश्किलें
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, बारिश के दौरान हवाएं काफी आक्रामक हो सकती हैं। जिले में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झक्कड़ हवाएं चल सकती हैं। इसे देखते हुए खुले में रखे सामान, कच्चे शेड और यातायात को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। पिछले कुछ दिनों पहले भी इसी तरह के मौसमी बदलाव के दौरान आंधी-तूफान के साथ अचानक ओले गिरे थे, जिससे फसलों और आम जनजीवन पर हल्का असर पड़ा था।
तापमान में गिरावट और सुबह-शाम की सिहरन
इस बदलाव का सीधा असर अब शहर के न्यूनतम और अधिकतम तापमान पर दिखने लगा है। दोपहर के समय हल्की गर्माहट के बावजूद, ढलती शाम और सुबह के वक्त गुलाबी ठंड महसूस होने लगी है।
- अधिकतम तापमान: पिछले कुछ दिनों में पारा 31 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है।
- न्यूनतम तापमान: रात और सुबह के वक्त न्यूनतम तापमान गिरकर 19 से 20 डिग्री सेल्सियस के दायरे में पहुंच गया है, जिससे रातों में हल्की सिहरन शुरू हो गई है।
आम जनता के लिए जरूरी सावधानियां
अचानक होने वाले इस मौसम परिवर्तन से स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को संभलकर रहने की जरूरत है।
- सफर के दौरान सावधानी: यदि आप शुक्रवार को दोपहिया वाहन से बाहर निकल रहे हैं, तो तेज हवा और संभावित बारिश को ध्यान में रखते हुए गति धीमी रखें।
- कृषि और फसलें: जिन किसानों की फसलें कटाई के चरण में हैं या खुले खेतों में रखी हैं, वे मौसम के रुख को देखते हुए सुरक्षित प्रबंध कर लें।
- स्वास्थ्य देखभाल: मौसम के इस संक्रमण काल (Transition Phase) में सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए खानपान और पहनावा बदलते मौसम के अनुरूप रखें।
शुक्रवार के बाद सप्ताहांत (Weekend) में मौसम के धीरे-धीरे साफ होने की उम्मीद है, लेकिन तब तक आने वाले 24 घंटे बरेली के लोगों के लिए सतर्क रहने के हैं।
