UP Teacher Promotion News: सचिव महोदय ने मांगा 3 महीने का समय, मकर संक्रांति से पहले पदोन्नति की उम्मीद

UP Teacher Promotion News: सचिव महोदय ने मांगा 3 महीने का समय, मकर संक्रांति से पहले पदोन्नति की उम्मीद

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों के लिए पदोन्नति को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है। लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे सहायक अध्यापकों और प्रधानाध्यापकों की नजर अब विभागीय कार्यवाही पर टिकी हुई है। वरिष्ठता निर्धारण और पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए करीब तीन महीने का समय लगने की बात सामने आई है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि यदि प्रक्रिया निर्धारित समय के भीतर पूरी हो जाती है, तो जनवरी 2027 में मकर संक्रांति से पहले शिक्षकों को पदोन्नति से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट करना जरूरी है कि मकर संक्रांति से पहले पदोन्नति होने की कोई अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। पदोन्नति की वास्तविक स्थिति विभागीय कार्रवाई, वरिष्ठता सूची और न्यायालय में होने वाली सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।

लंबे समय से लंबित है परिषदीय शिक्षकों की पदोन्नति

उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की पदोन्नति का मामला लंबे समय से लंबित है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत पात्र सहायक अध्यापकों को नियमानुसार उच्च पदों पर पदोन्नति दिए जाने का विषय शामिल है। वरिष्ठता निर्धारण, रिक्त पदों की उपलब्धता और न्यायालय में लंबित मामलों के कारण इस प्रक्रिया में देरी होती रही है।

पदोन्नति शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका संबंध न केवल पद और जिम्मेदारियों से है, बल्कि पात्रता के अनुसार वेतन एवं सेवा संबंधी लाभों से भी जुड़ा हो सकता है। इसी कारण शिक्षक संगठन और संबंधित शिक्षक लंबे समय से पदोन्नति प्रक्रिया पूरी किए जाने की मांग करते रहे हैं।

25 दिसंबर 2022 को जारी किए गए थे निर्देश

शिक्षकों की पदोन्नति के संबंध में 25 दिसंबर 2022 को शासन स्तर से महानिदेशक, स्कूल शिक्षा को निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों में प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों पर प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति की कार्रवाई करने की बात कही गई थी।

इसके साथ ही न्यायालय में लंबित मामलों में प्रभावी पैरवी करने के निर्देश भी दिए गए थे, ताकि पदोन्नति से संबंधित मामलों का नियमानुसार निस्तारण हो सके।

इसके बावजूद पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होने में काफी समय लगा। अब वरिष्ठता सूची तैयार करने और आगे की विभागीय कार्रवाई को लेकर सामने आई जानकारी से शिक्षकों को नई उम्मीद दिखाई दे रही है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में भी पहुंचा मामला

शिक्षकों की पदोन्नति का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में भी पहुंचा था। राहुल पांडे बनाम उत्तर प्रदेश राज्य, रिट-ए संख्या 3119/2023 के मामले में 3 मई 2023 को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया था कि पदोन्नति की प्रक्रिया उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 के संबंधित प्रावधानों और लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी की जाएगी।

इस प्रक्रिया में जिला स्तर पर वरिष्ठता सूची तैयार करना महत्वपूर्ण माना गया। वरिष्ठता का निर्धारण होने के बाद ही पात्र शिक्षकों की स्थिति और पदोन्नति की आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकती है।

पंकज कुमार सिंह मामले में 15 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई

पदोन्नति में देरी का मामला पंकज कुमार सिंह एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य, रिट-ए संख्या 9539/2026 के माध्यम से फिर उच्च न्यायालय पहुंचा।

उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय को बताया गया कि वरिष्ठता निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में 1 अक्टूबर 2026 को पत्र जारी किए जाने का उल्लेख भी किया गया।

बताया गया कि वरिष्ठता निर्धारण की प्रक्रिया पूरी करने में लगभग तीन महीने का समय लग सकता है। इसी समयसीमा को देखते हुए शिक्षकों के बीच यह उम्मीद जताई जा रही है कि विभाग पदोन्नति से संबंधित आवश्यक कार्रवाई को जल्द आगे बढ़ा सकता है।

न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 नवंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। विभाग को वरिष्ठता निर्धारण और पदोन्नति की दिशा में हुई प्रगति से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करनी होगी।

क्या मकर संक्रांति से पहले हो सकती है पदोन्नति?

शिक्षकों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मकर संक्रांति से पहले पदोन्नति का आदेश जारी हो सकता है। यदि वरिष्ठता निर्धारण की प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाती है और विभाग इसके बाद पदोन्नति से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर लेता है, तो जनवरी 2027 में इस दिशा में प्रगति होने की संभावना बन सकती है।

मकर संक्रांति जनवरी के मध्य में मनाई जाती है। ऐसे में तीन महीने की प्रस्तावित समयसीमा और विभागीय कार्रवाई को देखते हुए शिक्षक इस अवधि से पहले पदोन्नति संबंधी आदेश जारी होने की उम्मीद कर रहे हैं।

लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि वरिष्ठता निर्धारण और पदोन्नति आदेश जारी होना अलग-अलग चरण हैं। वरिष्ठता सूची तैयार होने के बाद आपत्तियों का निस्तारण, पात्रता की जांच, रिक्त पदों का निर्धारण और अन्य आवश्यक विभागीय औपचारिकताएं भी पूरी करनी पड़ सकती हैं।

इसलिए केवल तीन महीने का समय मांगे जाने के आधार पर पदोन्नति की निश्चित तारीख बताना उचित नहीं होगा।

शिक्षकों को अब किन बातों पर रखनी चाहिए नजर?

पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों के लिए आने वाले सप्ताह महत्वपूर्ण हो सकते हैं। सबसे पहले वरिष्ठता निर्धारण की प्रक्रिया में होने वाली प्रगति पर नजर रखनी होगी। इसके बाद जिला स्तर पर जारी होने वाली वरिष्ठता सूची, उस पर आपत्तियां आमंत्रित किए जाने और उनके निस्तारण से संबंधित निर्देश महत्वपूर्ण होंगे।

इसके अलावा 30 नवंबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई भी इस मामले में अहम मानी जा रही है। न्यायालय में विभाग की ओर से प्रस्तुत की जाने वाली प्रगति रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकता है कि वरिष्ठता निर्धारण और पदोन्नति की प्रक्रिया किस चरण तक पहुंची है।

शिक्षकों को सलाह है कि वे विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय और संबंधित शासनादेशों के माध्यम से ही पदोन्नति से जुड़ी प्रमाणिक जानकारी प्राप्त करें।

महत्वपूर्ण नोट: इस लेख में मकर संक्रांति से पहले पदोन्नति की संभावना को उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। इसे पदोन्नति की आधिकारिक घोषणा या निश्चित तारीख न माना जाए।

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