8वें वेतन आयोग के इंतजार के बीच केंद्रीय कर्मचारियों के DA में उछाल, 64.39% तक पहुंचने के संकेत
नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग के गठन और उसकी सिफारिशों को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच इंतजार जारी है। इसी बीच महंगाई भत्ते यानी DA (Dearness Allowance) को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन श्रम ब्यूरो द्वारा जारी CPI-IW (Consumer Price Index for Industrial Workers) के ताजा आंकड़ों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इन आंकड़ों के आधार पर महंगाई भत्ते की गणना में तेजी देखने को मिल रही है और DA के करीब 64.39 फीसदी तक पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं।
जुलाई में CPI-IW में हुई बड़ी बढ़ोतरी
औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI-IW में जुलाई महीने के दौरान उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जुलाई में CPI-IW 1.3 अंक बढ़कर 153.2 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि जून 2026 में यह सूचकांक 151.9 था। इस तरह एक महीने के दौरान सूचकांक में 1.3 अंकों की वृद्धि हुई है। जुलाई में सालाना आधार पर CPI-IW की मुद्रास्फीति दर 4.57 फीसदी दर्ज की गई।
आवास, खाद्य और ईंधन की कीमतों का असर
CPI-IW में हुई इस बढ़ोतरी के पीछे कई चीजों की कीमतों में बदलाव को प्रमुख कारण माना जा रहा है। खासतौर पर हाउसिंग, खाद्य एवं पेय पदार्थ और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर दिखाई दिया है। यही CPI-IW आंकड़े केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की गणना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए आने वाले महीनों में इस सूचकांक में होने वाला हर बदलाव कर्मचारियों के DA पर असर डाल सकता है।
64.39% DA का कैसे बन रहा है गणित?
केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की गणना 7वें वेतन आयोग के निर्धारित फॉर्मूले के आधार पर की जाती है। इसके लिए संबंधित अवधि के CPI-IW आंकड़ों के औसत का इस्तेमाल किया जाता है। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर DA की गणना 64.39 फीसदी, यानी लगभग 64 फीसदी तक पहुंचने के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि 64.39 फीसदी अभी अंतिम घोषित DA दर नहीं है। जुलाई से दिसंबर 2026 तक के CPI-IW आंकड़े सामने आने के बाद ही जनवरी 2027 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते की अंतिम दर का पता चलेगा। यानी अगले कुछ महीनों में आने वाले CPI-IW आंकड़े इस पूरे गणित को बदल भी सकते हैं।
मौजूदा समय में कितना मिल रहा है DA?
मौजूदा स्थिति के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों को 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिलने की बात कही गई है। यदि आने वाले महीनों के आंकड़ों के आधार पर DA बढ़कर करीब 64 फीसदी होता है, तो मौजूदा दर की तुलना में लगभग 4 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसका सीधा फायदा केंद्रीय कर्मचारियों की मासिक सैलरी में दिखाई देगा।
₹18,000 बेसिक सैलरी पर कितना फायदा होगा?
अगर अंतिम गणना में महंगाई भत्ता 60 फीसदी से बढ़कर 64 फीसदी होता है, तो ₹18,000 की न्यूनतम बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी के लिए 4 फीसदी अतिरिक्त DA का हिसाब लगाया जा सकता है। ₹18,000 का 4 फीसदी ₹720 होता है। यानी ऐसे कर्मचारी को लगभग ₹720 प्रति माह अतिरिक्त महंगाई भत्ता मिल सकता है। इसी तरह जिन कर्मचारियों का Basic Pay अधिक है, उनके लिए 4 फीसदी DA बढ़ोतरी का लाभ भी ज्यादा होगा।
उदाहरण के तौर पर अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹30,000 है, तो 4 फीसदी अतिरिक्त DA करीब ₹1,200 होगा। वहीं ₹50,000 की बेसिक सैलरी पर यह अतिरिक्त राशि करीब ₹2,000 प्रति माह बैठती है। वास्तविक वेतन में असर कर्मचारी के Basic Pay और लागू अन्य भत्तों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
जनवरी 2027 के DA के लिए अगले पांच महीने अहम
जुलाई का CPI-IW आंकड़ा सामने आने के बाद अब अगस्त से दिसंबर 2026 तक के पांच और महीनों के CPI-IW आंकड़ों का इंतजार रहेगा। इन आंकड़ों के आधार पर 12 महीने के औसत और निर्धारित फॉर्मूले के अनुसार जनवरी 2027 से लागू होने वाले DA की अंतिम दर तय होगी।
इसलिए अभी 64.39 फीसदी को संभावित गणना और मौजूदा ट्रेंड के तौर पर देखा जाना चाहिए। अंतिम DA प्रतिशत आने वाले महीनों के आंकड़ों पर निर्भर करेगा। केंद्र सरकार की ओर से अंतिम निर्णय और औपचारिक घोषणा होने के बाद ही नई दर को आधिकारिक माना जाएगा।
8वें वेतन आयोग के बीच DA पर कर्मचारियों की नजर
केंद्रीय कर्मचारियों की नजर एक तरफ 8वें वेतन आयोग से जुड़ी गतिविधियों पर है, वहीं दूसरी तरफ DA में संभावित बढ़ोतरी भी उनके लिए महत्वपूर्ण है। यदि DA में 4 फीसदी की बढ़ोतरी होती है तो इसका सीधा असर मासिक वेतन और महंगाई भत्ते की राशि पर पड़ेगा। हालांकि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद वेतन संरचना में अलग बदलाव हो सकते हैं।
कुल मिलाकर जुलाई के CPI-IW आंकड़ों में हुई बढ़ोतरी ने जनवरी 2027 के DA को लेकर उम्मीदें बढ़ा दी हैं। 64.39 फीसदी तक पहुंचने के संकेत जरूर मिल रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला अगस्त से दिसंबर के आंकड़े आने और सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
