यूपी में 20 किमी के दायरे के 1356 विद्यालयों को जोड़ेगा ‘न्यू एज लर्निंग सेंटर’, मॉडर्न स्टडी का बनेगा केंद्र
महराजगंज। जिले में प्रस्तावित न्यू एज लर्निंग सेंटर (एनएएलसी) आसपास के विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए आधुनिक अध्ययन का केंद्र बनेगा। इसके लिए तैयार किए गए जिला प्रशासन के स्टीमेट में प्रस्तावित केंद्रों के 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 1356 विद्यालयों को जोड़ने की योजना है। इससे करीब 1.50 लाख विद्यार्थी डिजिटल अध्ययन, ई-लर्निंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
योजना के अनुसार इसमें 286 माध्यमिक विद्यालयों के करीब 400-400 विद्यार्थी और 1073 परिषदीय विद्यालयों के करीब 50-50 विद्यार्थी शामिल होंगे। केंद्रों में कंप्यूटर, टैबलेट, डिजिटल लाइब्रेरी, ई-लर्निंग संसाधन, हाईस्पीड इंटरनेट, वाई-फाई, ई-रीडर, ई-बुक, ऑनलाइन टेस्ट सीरीज, माक टेस्ट और रिकॉर्डेड लेक्चर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
प्रतियोगी व उच्च शिक्षा प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए अध्ययन स्थल के साथ करियर गाइडेंस और मेंटरशिप भी उपलब्ध होगी। केंद्र सरकार से परियोजना की स्वीकृति के बाद जिला प्रशासन से उसका स्टीमेट मांगा गया था, जिसके बाद जिला प्रशासन की ओर से विस्तृत स्टीमेट बनाकर भेजा गया है।
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चारों तहसीलों में सरकारी भवनों में केंद्र संचालन का प्रस्ताव
जिला प्रशासन ने केंद्रों के लिए उपलब्ध सरकारी भवनों को चिह्नित किया है। सदर तहसील में समेकित विद्यालय धनेवा-धनेई, निचलौल में ब्लाक कार्यालय परिसर और फरेंदा में नगर पंचायत कार्यालय परिसर प्रस्तावित है। वहीं नौतनवा में बरगदवा में लंबे समय से रिक्त जनजाति छात्रावास भवन को भी प्रस्ताव में शामिल किया गया है।
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था
मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि केंद्रों में दिव्यांग विद्यार्थियों की जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है। उनके लिए ब्रेल लिपि में अध्ययन की सुविधा सहित अन्य विशेष संसाधनों का प्रबंध प्रस्तावित है। प्रत्येक केंद्र पर 50 लाख रुपये के प्रावधान के तहत आवश्यक संसाधन विकसित किए जाएंगे।
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न्यू एज लर्निंग सेंटर के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने आसपास ही आधुनिक अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास है, ताकि उन्हें डिजिटल शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूर नहीं जाना पड़े।
