आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने जा रहे हैं तो पहले जान लें ये 4 जरूरी बातें

आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने जा रहे हैं तो पहले जान लें ये 4 जरूरी बातें

Ayushman Card Treatment Guide: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के तहत पात्र परिवारों को हर साल ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है। इस योजना का लाभ मुख्य रूप से सेकेंडरी और टर्शियरी केयर हॉस्पिटलाइजेशन के लिए दिया जाता है। पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है।

लेकिन केवल आयुष्मान कार्ड बन जाने से इलाज की पूरी प्रक्रिया अपने आप स्पष्ट नहीं हो जाती। अस्पताल जाने से पहले यह जानना जरूरी है कि संबंधित अस्पताल योजना में सूचीबद्ध है या नहीं, आपकी बीमारी के लिए उपचार पैकेज उपलब्ध है या नहीं और अस्पताल में आयुष्मान से जुड़ी प्रक्रिया कहां पूरी होगी।

अगर आप भी आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज कराने जा रहे हैं, तो अस्पताल पहुंचने से पहले इन 4 जरूरी बातों को जरूर समझ लें।

1. इलाज से पहले जांच लें कि अस्पताल सूचीबद्ध है या नहीं

आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज कराने के लिए अस्पताल का PM-JAY के अंतर्गत सूचीबद्ध होना जरूरी है। इसलिए किसी अस्पताल में इलाज के लिए जाने से पहले यह पता कर लेना बेहतर है कि वह अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत सेवाएं दे रहा है या नहीं।

सरकारी पोर्टल और उपलब्ध आधिकारिक माध्यमों से आसपास के सूचीबद्ध अस्पतालों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को देशभर में सूचीबद्ध अस्पतालों में पोर्टेबिलिटी की सुविधा भी मिलती है।

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इसके अलावा केवल अस्पताल के सूचीबद्ध होने की जानकारी पर्याप्त नहीं है। जिस बीमारी या उपचार के लिए मरीज अस्पताल जा रहा है, उसके लिए संबंधित पैकेज उपलब्ध है या नहीं, इसकी जानकारी भी पहले लेनी चाहिए।

2. आयुष्मान कार्ड के साथ पहचान संबंधी दस्तावेज रखें

अस्पताल जाते समय आयुष्मान कार्ड के साथ पहचान संबंधी जरूरी दस्तावेज रखना उपयोगी रहता है। अस्पताल में लाभार्थी की पहचान और e-KYC या वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाती है।

आधिकारिक प्रक्रिया के तहत लाभार्थी की पहचान सत्यापित करने के लिए Aadhaar सहित उपलब्ध पहचान माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है। आपात स्थिति में पहचान से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपचार शुरू किया जा सकता है और बाद में जरूरी सत्यापन पूरा किया जा सकता है।

इसलिए अस्पताल जाते समय आयुष्मान कार्ड, Aadhaar और उपलब्ध अन्य पहचान दस्तावेज अपने साथ सुरक्षित रखना बेहतर है।

3. अस्पताल पहुंचकर पहले आयुष्मान हेल्पडेस्क पर जाएं

आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने वाले मरीजों के लिए सूचीबद्ध अस्पतालों में आयुष्मान से जुड़ा हेल्पडेस्क या अधिकृत Pradhan Mantri Arogya Mitra सहायता करता है। यहां योजना से जुड़ी प्रक्रिया और मरीज के इलाज से संबंधित जरूरी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

अस्पताल पहुंचने के बाद सीधे सामान्य बिलिंग काउंटर पर जाने के बजाय पहले आयुष्मान हेल्पडेस्क से संपर्क करना उपयोगी रहेगा। वहां अपनी पात्रता, भर्ती की प्रक्रिया और इलाज से जुड़ी जानकारी स्पष्ट कर लें।

मरीज की बीमारी और डॉक्टर की सलाह के आधार पर यह भी पता कर लेना चाहिए कि संबंधित उपचार योजना के किस पैकेज में आता है। इससे इलाज की प्रक्रिया को समझने में आसानी होगी।

4. भर्ती होने से पहले उपचार पैकेज की जानकारी लें

आयुष्मान योजना में अलग-अलग बीमारियों और उपचार प्रक्रियाओं के लिए निर्धारित हेल्थ बेनिफिट पैकेज होते हैं। इसलिए अस्पताल में भर्ती होने से पहले यह समझ लेना जरूरी है कि मरीज का प्रस्तावित उपचार किस पैकेज के अंतर्गत किया जा रहा है।

अस्पताल के अधिकृत आयुष्मान डेस्क से यह जानकारी ली जा सकती है कि उपचार के तहत कौन-कौन सी सेवाएं शामिल हैं। जांच, दवाइयों और अन्य संबंधित सुविधाओं की कवरेज के बारे में भी पहले जानकारी लेना बेहतर है।

यदि किसी तरह के अतिरिक्त भुगतान की बात कही जाती है, तो उसका कारण और विवरण अस्पताल से स्पष्ट रूप से पूछें। इलाज से संबंधित दस्तावेज और डिस्चार्ज पेपर भी संभालकर रखें।

इलाज के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

आयुष्मान कार्ड से इलाज कराते समय कुछ सामान्य सावधानियां मरीज और उसके परिवार के लिए उपयोगी हो सकती हैं। सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि अस्पताल PM-JAY के तहत सूचीबद्ध है। इसके बाद आयुष्मान हेल्पडेस्क से उपचार और पैकेज से संबंधित जानकारी लें।

अगर अस्पताल की ओर से किसी भुगतान की मांग की जाती है, तो उसका कारण और विवरण जरूर पूछें। इलाज से जुड़े कागजात, रिपोर्ट और डिस्चार्ज पेपर सुरक्षित रखें। किसी समस्या या शिकायत की स्थिति में अस्पताल की अधिकृत व्यवस्था या योजना की शिकायत निवारण व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा सकता है।

योजना से संबंधित जानकारी लेते समय केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना भी जरूरी है। इससे गलत जानकारी के कारण होने वाली परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है।

₹5 लाख का मतलब हर इलाज मुफ्त होना नहीं है

आयुष्मान भारत PM-JAY के तहत पात्र परिवार को हर साल ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि कार्डधारक का हर तरह का इलाज स्वतः मुफ्त हो जाता है।

योजना का लाभ उसके अंतर्गत आने वाले उपचार और निर्धारित हेल्थ बेनिफिट पैकेज के अनुसार मिलता है। इसलिए अस्पताल में भर्ती होने से पहले यह समझना जरूरी है कि मरीज का इलाज किस पैकेज के तहत कवर हो रहा है और उसमें कौन-कौन सी सुविधाएं शामिल हैं।

थोड़ी सी जानकारी और सावधानी के साथ मरीज और उसके परिवार को इलाज की प्रक्रिया समझने में आसानी हो सकती है। इसलिए अस्पताल जाने से पहले सूचीबद्ध अस्पताल, पहचान सत्यापन, आयुष्मान हेल्पडेस्क और उपचार पैकेज से जुड़ी जानकारी जरूर जांच लें।

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