68,500 भर्ती में छूट से इनकार, 69,000 शिक्षक भर्ती में मेरिट से नियुक्ति
उत्तर प्रदेश में 68,500 और 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती का मामला एक बार फिर चर्चा में है। दोनों भर्तियों में आरक्षण, मेरिट और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग कानूनी विवाद सामने आए हैं। एक ओर 68,500 शिक्षक भर्ती में अहर्ता अंक में छूट देने की मांग को लेकर विवाद रहा, वहीं 69,000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों के आरोपों के बीच अभ्यर्थी मेरिट के आधार पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।
68,500 शिक्षक भर्ती में अहर्ता अंक का मामला
परिषदीय विद्यालयों में जनवरी 2018 में शुरू हुई 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत अतिरिक्त छूट देकर नियुक्ति देने की मांग उठी थी। रिपोर्ट के अनुसार, शासन ने इस मांग को नियमों के अनुरूप नहीं माना।
भर्ती में सामान्य और OBC अभ्यर्थियों के लिए 150 में से 67 अंक यानी लगभग 45 प्रतिशत, जबकि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के अभ्यर्थियों के लिए 60 अंक यानी 40 प्रतिशत न्यूनतम अहर्ता अंक निर्धारित किए गए थे। OBC अभ्यर्थियों के लिए भी 40 प्रतिशत अहर्ता अंक तय करने की मांग की गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने 5 जनवरी 2022 को पांच प्रतिशत छूट देने की संस्तुति की थी। हालांकि, भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद छूट देने की मांग को स्वीकार नहीं किया गया।
हाईकोर्ट ने अहर्ता अंक बदलने की मांग खारिज की
68,500 शिक्षक भर्ती से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अहर्ता अंक बदलकर दोबारा भर्ती शुरू करने की मांग को खारिज कर दिया था। 27 अगस्त 2024 के आदेश में न्यूनतम अहर्ता अंक में छूट की मांग स्वीकार नहीं की गई।
इसके साथ ही रिक्त पदों पर अलग से भर्ती परीक्षा कराने का आदेश दिया गया था। रिपोर्ट में बताया गया है कि एक अन्य याचिका पर 17 दिसंबर 2024 को भी निरस्त आदेश जारी किया गया था।
69,000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण विवाद
69,000 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, करीब 19 हजार पदों पर आरक्षण में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में अभ्यर्थी मेरिट के आधार पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।
रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई का उल्लेख करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 18 नवंबर बताई गई है। हालांकि, इस तारीख और मामले की वर्तमान स्थिति की पुष्टि संबंधित न्यायालय के आधिकारिक रिकॉर्ड से की जानी चाहिए।
दोनों शिक्षक भर्तियों में क्या है अंतर?
68,500 भर्ती में मुख्य विवाद अहर्ता अंक में छूट और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है, जबकि 69,000 भर्ती में आरक्षण व्यवस्था और चयन सूची की वैधता को लेकर विवाद सामने आया है। दोनों मामलों में अभ्यर्थी अपने-अपने मुद्दों पर राहत और नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।
महत्वपूर्ण: भर्ती से संबंधित किसी भी अंतिम निर्णय, अगली सुनवाई या नियुक्ति प्रक्रिया के बारे में जानकारी के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक आदेशों को ही आधार मानें।
