बड़ी खबर: जनगणना नियम, 1990 में संशोधन, अब शिक्षक समेत इन लोगों को भी बनाया जा सकेगा प्रगणक

बड़ी खबर: जनगणना नियम, 1990 में संशोधन, अब शिक्षक समेत इन लोगों को भी बनाया जा सकेगा प्रगणक

नई दिल्ली। जनगणना कार्य को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। गृह मंत्रालय द्वारा 16 अक्टूबर 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना के तहत जनगणना नियम, 1990 में संशोधन किया गया है। इस संशोधन के बाद जनगणना कार्य के लिए प्रगणक (Enumerator) के रूप में नियुक्त किए जा सकने वाले व्यक्तियों की श्रेणी में विस्तार किया गया है।

 

📌 अब इन लोगों को प्रगणक के रूप में किया जा सकेगा नियुक्त

संशोधित प्रावधानों के अनुसार, जनगणना कार्य के लिए निम्नलिखित श्रेणियों के व्यक्तियों को प्रगणक के रूप में नियुक्त किया जा सकता है—

 

1. सरकारी एवं निजी संस्थानों के शिक्षक:

किसी भी सरकारी, स्थानीय प्राधिकरण, सहायता प्राप्त या गैर-सहायता प्राप्त निजी संस्थान के शिक्षक तथा सोसायटी या ट्रस्ट से जुड़े संस्थानों के शिक्षक।

 

2. लिपिक एवं अन्य अधिकारी:

केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, वैधानिक निकायों, बैंकों, कंपनियों, संस्थानों, सोसायटियों और ट्रस्टों में कार्यरत लिपिक (Clerks) एवं अन्य अधिकारी।

 

3. अन्य उपयुक्त व्यक्ति:

ऐसे अन्य व्यक्तियों को भी जनगणना कार्य के लिए प्रगणक नियुक्त किया जा सकता है, जिन्हें राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन इस कार्य के लिए उपयुक्त समझे।

 

📢 शिक्षकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह संशोधन?

इस संशोधन के तहत सरकारी शिक्षकों के साथ-साथ सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त निजी संस्थानों के शिक्षकों को भी जनगणना कार्य के लिए प्रगणक के रूप में नियुक्त किए जाने का प्रावधान शामिल है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न सरकारी एवं अन्य संस्थानों में कार्यरत लिपिकों और अधिकारियों को भी इस कार्य में लगाया जा सकता है।

 

हालांकि, प्रगणक के रूप में नियुक्ति संबंधित प्राधिकरण के निर्णय और लागू नियमों के अनुसार होगी।

 

नोट: इस समाचार का आधार आपके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी है। 16 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना की मूल प्रति का स्वतंत्र सत्यापन नहीं किया गया है। इसे प्रकाशित करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना अवश्य जाँच लें।

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