‘जय श्रीराम’ बोलने पर विवाद, शिक्षक पर फटकार का आरोप; बजरंग दल ने किया प्रदर्शन
छात्रों ने धार्मिक भावनाएं आहत करने का लगाया आरोप, कॉलेज प्रशासन ने शिक्षक से तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण
कासगंज। सोरों स्थित संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज में कक्षा नौ के छात्रों और एक शिक्षक के बीच हुई कथित टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। छात्रों ने शिक्षक पर ‘जय राम’ और ‘जय श्रीराम’ बोलने पर फटकार लगाने तथा धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी करने का आरोप लगाया। शिकायत सामने आने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता कॉलेज परिसर पहुंच गए और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
मामले को लेकर कॉलेज परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और छात्रों की ओर से नारेबाजी भी की गई। मामला बढ़ता देख कॉलेज प्रशासन ने संबंधित शिक्षक को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि शिक्षक के जवाब और छात्रों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जाएगी।
कक्षा में कहानी सुनाने के दौरान शुरू हुआ विवाद
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विवाद शनिवार सुबह उस समय सामने आया जब कक्षा नौ में शिक्षक जनार्दन राम विद्यार्थियों को पढ़ा रहे थे। छात्रों का आरोप है कि कक्षा के दौरान ‘जय राम’ और ‘जय श्रीराम’ बोलने पर शिक्षक ने उन्हें फटकार लगाई।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षक ने हिंदू धर्म और देवी-देवताओं से जुड़े विषयों को लेकर ऐसी बातें कहीं, जिन्हें उन्होंने धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देखा। छात्रों की शिकायत के बाद यह मामला कॉलेज के बाहर भी चर्चा में आ गया।
वहीं, शिक्षक जनार्दन राम ने आरोपों को अलग संदर्भ में बताया है। उनके अनुसार, वह विद्यार्थियों को एक कहानी के माध्यम से विभिन्न धर्मों से जुड़े उदाहरण समझा रहे थे। शिक्षक का कहना है कि उनके बयान को कक्षा में दिए गए उदाहरण के संदर्भ से अलग समझ लिया गया।

छात्रों की शिकायत के बाद कॉलेज पहुंचे बजरंग दल कार्यकर्ता
मामले की जानकारी मिलने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने छात्रों के साथ मिलकर कॉलेज परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने संबंधित शिक्षक के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक या विवादित टिप्पणी स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।
बजरंग दल के जिला संयोजक गोविंद महेरे ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिर में धार्मिक भेदभाव और देवी-देवताओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए।
शिक्षक ने आरोपों को बताया गलत संदर्भ में लिया गया बयान
विवाद के बीच शिक्षक जनार्दन राम ने अपना पक्ष भी रखा। रिपोर्टों के अनुसार, शिक्षक ने कहा कि वह कक्षा में बच्चों को एक कहानी सुना रहे थे। कहानी के माध्यम से उन्होंने अलग-अलग धर्मों से जुड़े उदाहरण विद्यार्थियों के सामने रखे थे।
बताया गया है कि इसी दौरान शिक्षक ने बच्चों से सवाल किया कि यदि कोई व्यक्ति संकट में हो तो उसे बचाने के लिए अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं में किसका सहारा लिया जाता है। इसी बातचीत के दौरान विद्यार्थियों ने ‘जय श्रीराम’ बोलना शुरू किया।
शिक्षक का कहना है कि इसके बाद उनकी ओर से कही गई बात को छात्रों ने अलग संदर्भ में लिया। उन्होंने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य होने से इनकार किया है।
कॉलेज प्रशासन ने जारी किया नोटिस
विवाद बढ़ने के बाद कॉलेज के प्रधानाचार्य ने संबंधित शिक्षक को नोटिस जारी किया है। शिक्षक से पूरे मामले पर तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
कॉलेज प्रशासन की ओर से कहा गया है कि शिक्षक के जवाब और छात्रों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इससे फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि शिक्षक के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं या नहीं। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं, इसलिए कॉलेज प्रशासन की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
कॉलेज में हुए प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के जिला संयोजक गोविंद महेरे सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। रिपोर्टों में निखिल निर्भय, पीयूष शंकर महेरे, सुधांशु भारद्वाज, सिद्धांत गुप्ता, अर्जुन राम लोटा, यश महेरे, मनोज बघेल और अन्य कार्यकर्ताओं के मौजूद रहने का उल्लेख किया गया है।
कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोष पाए जाने पर कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कॉलेज परिसर में ‘जय श्रीराम’ के नारे भी लगाए गए।
जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पूरा मामला छात्रों की शिकायत, शिक्षक के स्पष्टीकरण और कॉलेज प्रशासन की जांच पर निर्भर है। छात्रों ने जहां शिक्षक पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया है, वहीं शिक्षक ने अपनी बात को कहानी और उदाहरण के संदर्भ में बताया है।
कॉलेज प्रशासन द्वारा शिक्षक से तीन दिन में जवाब मांगे जाने के बाद अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो प्रशासन की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, आरोपों की पुष्टि नहीं होने पर शिक्षक का पक्ष भी सामने आएगा।
फिलहाल कॉलेज प्रशासन ने दोनों पक्षों की बात सामने आने और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
