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Education Career: जब आप किसी पे भरोशा कर लेते हैं और….

अगर आप पूरी एकाग्रता के साथ काम करें और उत्तरदायित्व उठाने को तैयार रहें, तो कोई आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता
Education Career: जब आप किसी पे भरोशा कर लेते हैं और अपने कुछ जरूरी कामो को उस उस व्यक्ति पर छोड़ देते है और उसके बाद वह उस काम को करने से मन कर दे तो आप क्या प्लैनिंग कर सकते है यह जान ने के लिए हमसे जुड़े रहे-
Education Career: जब आप किसी पे भरोशा कर लेते हैं तो निम्न बातों का रखे द्यान;
1. आपने किसी से प्रोजेक्ट या काम में मदद: [Education Career: जब आप किसी पे भरोशा कर लेते हैं]
आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि के लिए कहा हो। शुरुआत में तो उस इन्सान ने हां कह दिया, लेकिन जैसे ही डेडलाइन करीब आती है, वह अचानक सब भूल जाता है। पहली नजर में यह बेशक आपको सामान्य लगे, परंतु ऐसा अगर बार-बार हो, तो आपको सावधान होने की जरूरत है। इसे महज एक लापरवाही समझने की गलती न करें। यह आपको नुकसान पहुंचाने की मनोवैज्ञानिक रणनीति हो सकती है। इसकी वजह से केवल आपके काम की गुणवत्ता और उत्पादकता पर ही असर नहीं पड़ता, बल्कि यह आपके लिए मानसिक थकावट, चिंता और आत्म-सम्मान में गिरावट का कारण भी बन सकती हैं। ऐसे लोगों से सीधी टक्कर लेने यो उलझने के बजाय समझदारी से कदम उठाना बेहतर होता है। अपने आसपास के लोगों के इस मनोविज्ञान को समझकर ही आप अपना बचाव कर सकते हैं। यहां ऐसे ही कुछ कारगर तरीकों के बारे में चर्चा की गई है।
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2. अपनी हदें खुद तय करें: [Education Career: जब आप किसी पे भरोशा कर लेते हैं]
इस समस्या से निपटने का सबसे असरदार तरीका है कि आप अपनी हदें खुद तय करें। इसके लिए, ऐसे लोगों के व्यवहार को अनदेखा न करें। उनसे उलझने की बजाय, बातचीत के नियम स्पष्ट रखें। अगर किसी मसले पर उनका व्यवहार ठीक न लगे, तो उनसे कहें कि आपने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया। जब भी आप बातचीत के लिए तैयार हों, कृपया मुझे बता दें, ताकि उचित समाधान निकाला जा सके।
3. मानसिक शांति को प्राथमिकता दें: [Education Career: जब आप किसी पे भरोशा कर लेते हैं]
आपकी मानसिक शांति आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। आपका भला न चाहने वाले लोगों के बर्ताव को अपने आत्म-सम्मान से न जोड़ें। इसके बजाय आत्म-चिंतन करें, भरोसेमंद लोगों से बात करें और जरूरत महसूस होने पर काउंसलर की मदद लेने में संकोच न करें। ऐसा करके आप ज्यादा लचीले और मजबूत बन पाएंगे।
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4. ग्रे रॉक तकनीक अपनाएं: [Education Career: जब आप किसी पे भरोशा कर लेते हैं]
कभी-कभी ऐसे लोग तंज कसकर आपको भड़काने की कोशिश भी कर सकते हैं। अगर आप प्रतिक्रिया देते हैं, तो यह सिलसिला बढ़ता जाता है। ऐसी स्थिति में ग्रे रॉक तकनीक अपनाएं। इसके तहत अपनी बातचीत को सीमित, साधारण और छोटा रखें।
उदाहरण के लिए
किसी ताने का जवाब केवल ‘ठीक है’ या ‘हां मैंने सुन लिया’ कहकर दीजिए, ताकि वे उत्तेजित न हो सकें।
5. जब समस्या कार्यस्थल पर हो: [Education Career: जब आप किसी पे भरोशा कर लेते हैं]
अगर यह समस्या कार्यस्थल पर है, तो कोई आपके साथ ऐसा बर्ताव क्यों कर रहा है, उसकी तह तक जाने की कोशिश करें। अक्सर ऐसे सहकर्मियों की मंशा खुद को “खास समझने और आपको या किसी अन्य साथी को छोटा साबित करने की होती है। यह स्थिति तब ज्यादा गंभीर और चुनौतीपूर्ण हो जाती है, जब ऐसे लोग आपके वरिष्ठ या प्रबंधन में होते हैं। इस स्थिति में, एचआर से संपर्क करें, लेकिन सबूत के साथ। ई-मेल, बातचीत का रिकॉर्ड रखें, ताकि कोई भी आपको झूठा या गलत साबित न कर सके।